Tuesday, October 2, 2018

What is Graphic Designing? | ग्राफ़िक डिजाइनिंग क्या है? | कैसे बने एक अच्छा डिज़ाइनर?

ग्राफ़िक डिजाइनिंग हिंदी मे -

What is Graphic Designing? ग्राफ़िक डिजाइनिंग क्या है?

Graphic Design Meaning Definition.: 
हेल्लो! दोस्तों कैसे हो आप सभी लोग? मैं आज आपके लिए डिटेल में ग्राफ़िक डिजाइनिंग के बारे में लेकर आया हूँ, क्या है ग्राफ़िक डिजाइनिंग? एक अच्छा ग्राफ़िक डिज़ाइनर कैसे बने? कहाँ से कोर्स करे? ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनने के बाद सैलरी क्या होगी? नौकरी कहाँ मिलेगी? और भी बहुत कुछ है दोस्तों......

दोस्तों! मैं दावा तो नही करता, लेकिन आपसे इतना जरुर कहना चाहूंगा कि अत्यंत स्टडी, गहरे चिंतन, तथा व्यापक अवलोकन एवं कुछ प्रयोगों के बाद क्योकि  मैं भी डिज़ाइनर हूँ, मैंने जो नतीजे निकालकर आप तक पहुचाने  का प्रयास किया है, वे आप के काम के होंगे |

अब दोस्तों! मुझे अपनी बात को खत्म कर देना चाहिए, लीजिये अब मैं अपनी बात को यही खत्म कर रहा हूँ |

क्या है ग्राफ़िक डिजाइनिंग?
ग्राफ़िक एलिमेंट का सही तरीके से इस्तेमाल  कर के विजुअल ग्राफ़िक बना देना ही ग्राफ़िक डिजाइनिंग है |दोस्तों! कई लोगो  को लगता है छोटे मोटे टूल्स सीख कर इधर उधर से कॉपी कर के डिजाईन बनाना ही ग्राफ़िक डिजाइनिंग है, पहले तो मैं इन लोगो की गलत फहमी दूर कर दू, कि अगर आप लोगो को भी यही लगता है तो आप गलत सोच रहे  है, ये ग्राफ़िक डिजाइनिंग नही है दोस्तों! आपके दिमाग में अगर कोई टॉपिक आ रहा है उसको ग्राफ़िक में बना कर लोगो के सामने ला कर रख देना जिससे लोगो को एक मैसेज पहुँच सके, और जटिल से जटिल प्रॉब्लम को एक सरल तरीके से विजुअल  रूप में क्रिएट  कर के लोगो तक पहुँचाना  ही ग्राफ़िक डिजाइनिंग है, अब आप अच्छी तरह से समझ गये होंगे -



History of Graphic Designing?
दोस्तों! ग्राफ़िक डिज़ाइनर की शरुआत पुरातन काल से ही हो गयी थी, उस टाइम लोग पढ़े लिखे नही थे, आप को पता है अपनी बातो को कैसे दूसरे लोगो तक पहुंचाते थे, ग्राफ़िक के जरिये, ग्राफ बना  कर, बातो को ग्राफ़िक के जरिये समझना बहुत इजी हो जाता है, दिमांग में चीजे बैठ जाती है, विजुअल  तौर पर चीजे दिमांग से चीजे स्लिप नही होती. पुरातन जमाने के लोगो का एक यही हथियार था. आज भी पुरानी गुफाओ में आपको पुराने जमाने की पेंटिंग देखने को मिल जाएगी जिसे केव पेंटिंग बोलते है, दोस्तों! उस टाइम लोगो के पास जानवरों को पहचानने में बहुत दिक्कत होती थी. जिससे लोगो में आम झगड़े हुआ करते थे, कुछ टाइम के बाद किसी ने अपने जानवर पर एक ग्राफ बना दिया जो ये आईडिया सबको बहुत ही अच्छा लगा, ये ट्रिक पर सबने काम किया फिर क्या था  प्रॉब्लम सोल्व हो गयी. जानवर, प्रॉपर्टी हर जगह ग्राफ का प्रयोग होने लगा, 15 वीं शाताब्दी  तक बुक्स और अन्य प्रिंटिंग प्रोडक्शन के रूप में डेवलप हो गया. एडवांस ग्राफ़िक डिजाइनिंग धीरे धीरे समय दर समय बढने लगा -

Applications of Graphic Designing Hindi?
ग्राफिक डिजाइन के एप्‍लीकेशन.:
दोस्तों! आज हम लोग नये जमाने में जी रहे है, ग्राफ़िक डिज़ाइनर नये नये फंडे इस्तमाल कर के और दुसरे  लोगों  को अपनी ओर कैसे आकर्षित करे? नये नये आइडियाज, ग्राफ़िक्स क्रिएट करता है जिससे वो अपनी बात को अपने मैसेज को लोगों तक पहुंचा सके,आप सड़क पर चलते हुए देखते होंगे कि बैनर,सनी लियॉन का वो ऐड मैन्फोर्स आगे तो आप समझ ही गये होंगे लुभावनें ग्राफ़िक्स बना बना कर अपनी और आकर्षित करते है, रैपर , साबुन , मैगज़ीन इत्यादि पर, आप किसी स्टूडियो में जाये ,और मान लेते है हम मोबाइल लेने जाते है तो सबसे पहले अच्छे स्टूडियो वाले हमे एक बुक दिखाते है, जिसे हम ग्राफ़िक की भाषा में टेम्पलेट बोलते है, कौन सा मोबाइल किस रेंज में है कॉन्फ़िगरेशन के साथ - वास्तव  में दोस्तों! आप एक दिन में ग्राफ़िक डिजाइनिंग के हजारो उधारण देखते है,ग्राफ़िक डिज़ाइनर कई फंक्शन में काम करता है - तो आईए  जानते है ,वो फंक्शन कौन कौन से है ...
  • पैकेजिंग (बोतलों से लेकर सभी उपकरणों तक)
  • कॉर्पोरेट आइडेंटिटी / ब्रांडिंग
  • एल्बम कवर
  • प्रिंटेंड कंटेंट (बुक्‍स, फ्लायर्स, मैगजीन्स, न्‍यूज़ पेपर)
  • ऑनलाइन (बैनर, ब्लॉग, वेबसाइट, आदि)
  • टी-शर्ट और कपड़े डिजाइन
  • फिल्म और टेलीविजन टाइटल और ग्राफिक्स
  • साइनिज
  • ग्रीटिंग कार्ड
दोस्तों! ये ग्राफ़िक डिज़ाइनर का काफी एक छोटा सा अंश है. आगे आपको लेकर चलते है. 

अब बात आती है की इतना कुछ तो हो गया अब कोर्स कहाँ से करे? कोर्स करने के फ्यूचर क्या होगा? 
क्या इनकम होगी? कहाँ जॉब मिलेगी? न जाने कितने सवाल आप के माइंड में आ रहे होंगे -तो चलिए जानते है -

Graphic Design Course in INDIA -
दोस्तों! वैसे कई इंस्टिट्यूट और कॉलेज है यो ग्राफ़िक डिजाइनिंग का कोर्स करवाती है, एक अच्छा ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनने के लिए आपका 12वीं के साथ स्कैचिंग बहुत ही अहम रोल निभाता है क्योंकि डायरेक्ट आप कंप्यूटर में चीजे ड्रा नही करते, आपको पहले आइडियाज लेने होते है, माइंड में फिर आप स्केच ड्रा करते है फिर आप कही जा कर कंप्यूटर पर चीजें बनाते है, क्योंकि चीजें  इजेक्ट माइंड में नही आती, अगर आप को स्कैचिंग आती है तो बहुत आसान हो जाता है. वैसे दोस्तों! ग्राफ़िक डिज़ाइनर के कोर्स में स्कैचिंग इन्क्लूड होती है, उसके बाद ही आप सॉफ्टवेर के जरिए बनाते है - मैं आपको बता देता हूँ, जो मैंने सीखे थे- 

Adobe Master Suite -
  • Adobe Photoshop CC
  • Adobe Illustrator CC
  • Adobe In-Design CC
  •  Corel Draw X7 प्लस  स्केत्चिंग!
TOP Colleges And Institute of INDIA-
  • NID - (National Institute of Design), Ahmedabad
  • IDC, IIT Bombay
  • Pearl Academy, (Delhi, Mumbai, Jaipur)
  • NIFT- (National Institute of Fashion Technology
  • Maeer's Mit Institute of Design, Pune
  • Indian School of Design and Innovation (Mumbai)
  • Gd Goenka School of Fashion & Design, (Mumbai)
  • Delhi College of Art, Delhi
  • Maac Animation Academy-
  • Arena Animation Academy-

Important Qualities for Graphic Designers.:

एक अच्छे ग्राफ़िक डिज़ाइनर के लिए महत्वपूर्ण गुण-

1) Analytical skills:
दोस्तों! ग्राफ़िक डिज़ाइनर अपने क्लाइंट्स की जरूरत को जानता है, और सक्षम होता है सही टाइम पर डिजाईन डेवलप करके देता है, और अपने क्लाइंट्स को संतुष्ट करता है |

2) Artistic ability:
दोस्तों! ग्राफ़िक डिज़ाइनर उन सभी डिजाईन को बनाने में परफेक्ट होता है और अपने क्लाइंट्स की जरूरत को देखते हुए अपने माइंड में आइडियाज रख कर स्केच बना कर एक बेहतरीन ग्राफ़िक बनाने की योग्यता  रखते हुए स्केच से कंप्यूटर में उतार देता है डिजाईन को.

3) Communication skills:
दोस्तों! ग्राफिक डिजाइनरों को क्‍लाइंट, कंन्‍ज़ूमर्स और अन्य डिजाइनरों के साथ कम्‍युनिकेशन करते आना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके डिज़ाइन डिसाइर्ड मैसेज को सटीक रूप से समझ कर डिजाईन को कम से कम टाइम में कुछ क्रिएटिव और नया बना सके. जो क्लाइंट्स को पसंद आये.

4) Computer skills:
दोस्तों! अधिकांश ग्राफिक डिजाइनर अपने डिजाइन तैयार करने के लिए विशेष ग्राफिक डिजाइन सॉफ़्टवेयर का उपयोग करते हैं।

5) Creativity:
दोस्तों! ग्राफिक डिजाइनर, कंन्‍ज़ूमर्स को विचारों को कम्‍यूनिकेट के नए तरीकों के बारे में सोचने में सक्षम होना चाहिए। वे युनिक डिजाइन डेवलप करते हैं जो अपने क्‍लाइंट की ओर से एक निश्चित मैसेज पहुँचाते हैं।

6) Time-management skills:
दोस्तों! ग्राफिक डिजाइनर अक्सर एक ही समय में कई प्रोजेक्‍ट पर काम करते हैं, प्रत्येक काम की अलग डेडलाइन होती हैं और उन्‍हे समय पर अपना काम पूरा करना होता हैं।

What Can You Do With a Graphic Design Degree?

ग्राफिक डिजाइन डिग्री के साथ आप क्या कर सकते हैं?

1) ग्राफिक डिजाइनर

औसत वार्षिक वेतन (2015): Rs. 274,572
अनुमानित वृद्धि (2014-2024): कोई बदलाव नहीं है
नौकरी की जिम्मेदारियाँ:
प्रॉडक्‍ट इलस्ट्रेशन के लिए ग्राफिक और लेआउट, कंपनी के लोगो और वेबसाइटों को डेवलप करना आदि

आज का विचार -
मेरे आत्मीय दोस्तों, आपको किसी काम को करने के लिए अभी से और आज से स्टार्ट करना होगा, अच्छी जानकारी के बिना हमारे होने वाले काम आधे - अधूरे रह जाते हैं, बातें आधी-अधूरी बन पाती है, और इसके कारण हम भी आधे-अधूरे हो जाते हैं|
डिज़ाइनर. कमल जीत मौर्या 
designhungry.slidescope.com
ई-मेल.: kamalmauriya@gmail.com